विश्व का सबसे बड़ा स्तूप (केसरिया बोद्ध स्तूप बिहार) जाने रोचक बातें !!
दोस्तों भारत यानि कि हमारे देश के प्रत्येक राज्य मे ऐतिहासिक धरोहर स्तिथ है ,
जो हमारे देश कि खूबसूरती को बढाती है दोस्तों बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के
अंतर्गत केसरिया नामक स्थल में मौजूद केसरिया स्तूप एक प्राचीन धरोहोर है।
जो विश्व के सबसे बड़े प्राचीन बोद्ध स्तूप के नाम से प्रसिद्ध है इतिहास और कला कि दृष्टि से यह
अत्यंतमहत्वपूर्ण स्थल है। आपकी जानकारी के लिए बता दे इस स्तूप को महान सम्राट अशोक ने बनवाया था।
यह विशाल स्तूप तीसरी शताब्दी से सम्बन्ध रखता है दोस्तों ,
यह स्तूप महात्मा बुद्ध को समर्पितहै इस स्तूप का निर्माण 200 ई. और 700 ईश के बीच हुआ था।
कहा जाता है कि महात्मा बुद्धजब महापरिनिर्वान ग्रहण करने कुशीनगर जा रहे थे,
तो महात्मा बुद्धएक दिन के लिए केसरिया में ठहरे थे जिस स्थान पर महात्मा बुद्ध ठहरेथे , उसी स्थान पर
कुछ समय बाद सम्राट अशोक ने स्मिरिती के रूप में स्तूप का निर्माण कराया था।
जो कि आज दोस्तों इसे विश्व का सबसे बड़ा स्तूप माना जाता है।
दोस्तों वर्तमान में यह स्तूप करीब 1400 फिट के छेत्र में फैला हुआ है तथा यह स्तूप 8 मंजिलो
में विभक्त है।
दोस्तों जैसे कि आप इस फोटो में देख सकते है पहली मंजिल से लेकर सातवी मंजिल तक
एक ही क्रम में ब्रेकेट नुमा छोटा कमरा बना हुआ है जिसमे महात्मा बुद्ध कि कुछ मूर्तियों के अवशेष आज भी है।
दोस्तों इस स्तूप के आसपास के अन्य स्थल भी काफी दर्शनीय है।
बोद्ध धर्म से जुडी कई तरह कि जानकारी इस स्तूप को देखने प्राप्त होती है।
दोस्तों अगर आप भी इतिहास के प्रति रूचि हो तो आपको इस स्तूप को एकबार अवश्य देखना चाहिए,
आपको बता दूँ इस स्तूप को देखने का अच्छा समय अक्टूवर से लेकर फ़रवरी माह तक का है।
इस दौरान यहाँ का मौसम अनुकूल बना रहता है हालाँकि स्तूप को देखने के लिए
सालभर में दूर दूर से प्रयटक आते है।
यहाँ पहुचने के लिए आप बस ट्रेन या हवाई जहाज से जा सकते है।
दोस्तों यहाँ से कारबी 120KM कि दुरी पर पटना एअरपोर्ट भी स्तिथ है।
बोद्ध धर्म से जुड़े लोग इस स्थल को बेहद पबित्र मानते है।


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