हमारा सौर परिवार आइए, बृहस्पति ग्रह को जानें

           

बृहस्पति, यानी कि जुपिटर का नाम आपने अवश्य सुना होगा। आपमें से कई बच्चों ने चाचा चौधरी और साबू की कॉमिक्स जरूर पढ़ी होंगी। इससे आपको यह भी पता होगा कि कॉमिक्स में साबू को जुपिटर ग्रह का प्राणी बताया गया है।

जुपिटर, यानी कि बृहस्पति । यह सूर्य से दूरी के अनुसार पाँचवाँ ग्रह है। यह आकार और वजन में भी सभी ग्रहों से बड़ा है । यह ग्रह पृथ्वी से सूर्य, चंद्रमा और शुक्र के बाद सबसे चमकीला नजर आता है। यह एक गैसीय दानव है, जिसका द्रव्यमान सूर्य के हजारवें भाग के बराबर तथा सौरमंडल में अन्य सात ग्रहों के कुल द्रव्यमान का ढाई गुना है ।

यह प्राथमिक तौर पर गैसों और तरल पदार्थों से बना हुआ है। यह एक-चौथाई हीलियम द्रव्यमान के साथ मुख्य रूप से हाइड्रोजन से बना हुआ है। यह एकमात्र ऐसा ग्रह है, जिसका सूर्य के साथ साझा द्रव्यमान केंद्र सूर्य के आयतन से बाहर स्थित है। इसके वायुमंडल में मीथेन, जलवाष्प, अमोनिया और सिलिकॉन आधारित यौगिक मिले हैं।

ऐसा माना जाता है कि इसका नामकरण रोमन देवता के नाम पर किया गया है। बृहस्पति का एक दिन बाकी सभी ग्रहों से छोटा होता है। यह केवल 9 घंटे 55 मिनट में अपनी धुरी के समक्ष एक चक्कर पूरा कर लेता है। 

बृहस्पति ग्रह पर लगभग पिछले 350 सालों से एक बवंडर चल रहा है। यह बवंडर लाल बादलों से बना हुआ है। कहते हैं कि यह बवंडर इतना बड़ा है कि इसमें तीन पृथ्वी समा सकती हैं। बृहस्पति के कम-से-कम 64 चंद्रमा हैं।

सन् 1610 में गैलीलियो ने सबसे पहले बृहस्पति को दूरबीन से देखा था। बृहस्पति पर अनेक यान जा चुके हैं। इनमें पायोनियर 11, वॉयेजर 1 और 2, यूलीसेस एवं न्यू हॉरिजेंस शामिल हैं। इस ग्रह को प्राचीन काल से ही जान लिया गया था। यह रात को नग्न आँखों से दिखाई देता है।

इस ग्रह को सौरमंडल का वैक्यूम क्लीनर भी कहा जाता है, क्योंकि यह पृथ्वी को विनाशकारी हमलों से बचाता है। बृहस्पति ग्रह पृथ्वी से ग्यारह गुना भारी है; परंतु इस पर जीवन के संकेत नहीं हैं । ब्रह्मांड में सौरमंडल अनेक जिज्ञासाओं को जगाता है।

वैज्ञानिक ग्रहों के बारे में नई-नई जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। आप भी इन जानकारियों को अपने मित्रों को बताइए और एक-दूसरे का ज्ञान बढ़ाइए।

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